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केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, 18 महीने के बकाया एरियर पर आया फाइनल फैसला | 18 Months DA Arrears

केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के लिए 18 महीने के बकाया डीए एरियर (18 Months DA Arrears) को लेकर उम्मीद की नई किरण जागी है। **कोविड काल (जनवरी 2020 से जून 2021)** के दौरान रोके गए महंगाई भत्ते के भुगतान को लेकर कर्मचारी यूनियन और सरकार के बीच बातचीत अंतिम दौर में है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार अब **एकमुश्त निपटान (One-Time Settlement)** के प्रस्ताव पर विचार कर सकती है।

18 Months DA Arrears Latest Update 2026

कोरोना महामारी के दौरान केंद्र सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और पेंशनभोगियों की महंगाई राहत (DR) की तीन किस्तों पर रोक लगा दी थी। हालांकि, बाद में डीए बहाल कर दिया गया, लेकिन वो 18 महीने का एरियर अभी तक नहीं मिला है। 2026 के बजट सत्र के बाद, कर्मचारी संगठन (JCM) ने सरकार पर दबाव बनाया है कि आर्थिक स्थिति सुधरने के बाद अब यह पैसा लौटाया जाना चाहिए। ताजा जानकारी के अनुसार, सरकार इस मुद्दे पर फिर से समीक्षा बैठक कर सकती है।

JCM Secretary Letter to Cabinet Secretary (यूनियन की मांग)

नेशनल काउंसिल ऑफ ज्वाइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) के सचिव **शिव गोपाल मिश्रा** ने कैबिनेट सचिव को पत्र लिखकर एरियर भुगतान की मांग दोहराई है। उनका कहना है कि एरियर कर्मचारियों का हक है। यूनियन ने सरकार को सुझाव दिया है कि यदि पूरा भुगतान एक साथ संभव नहीं है, तो इसे किस्तों में या किसी 'निगोशिएटेड सेटलमेंट' के जरिए दिया जाए। फरवरी 2026 में हुई उच्च स्तरीय बैठकों में इस पर सकारात्मक संकेत मिलने की खबरें आ रही हैं।

How much Arrears will be received? (कितना पैसा मिलेगा?)

यदि सरकार एरियर देने पर सहमत होती है, तो कर्मचारियों के खाते में एक बड़ी रकम आएगी। यह राशि कर्मचारी के पे-बैंड और लेवल पर निर्भर करेगी। एक मोटे अनुमान के मुताबिक:

  • **लेवल-1 कर्मचारी:** ₹11,880 से लेकर ₹37,554 तक का एरियर बन सकता है।
  • **लेवल-13/14 अधिकारी:** ₹1,23,100 से लेकर ₹2,15,900 तक का भुगतान हो सकता है।
  • पेंशनभोगियों के लिए भी उनकी डीआर राशि के हिसाब से यह गणना अलग होगी।

Supreme Court Observation on Salaries (कोर्ट का रुख)

सुप्रीम कोर्ट ने भी एक पुरानी टिप्पणी में कहा था कि सैलरी और पेंशन कर्मचारियों का अधिकार है, न कि कोई इनाम। हालांकि, एरियर का मामला नीतिगत फैसला है, इसलिए कोर्ट ने गेंद सरकार के पाले में डाल दी थी। अब चूंकि देश की अर्थव्यवस्था (GDP) 2026 में मजबूत स्थिति में है, इसलिए सरकार के पास फंड की कमी का तर्क देना मुश्किल हो रहा है। यही कारण है कि होली से पहले इस पर फैसला आने की उम्मीद बढ़ गई है।

Will Govt Approve One-Time Settlement? (एकमुश्त भुगतान)

सूत्रों के मुताबिक, वित्त मंत्रालय और व्यय विभाग के बीच इस बात पर चर्चा चल रही है कि क्या एरियर का भुगतान किया जाए या नहीं। एक प्रस्ताव यह भी है कि ब्याज रहित एरियर का भुगतान किया जा सकता है। सरकार चुनाव और कर्मचारियों की नाराजगी को देखते हुए कोई बीच का रास्ता निकाल सकती है। यदि मंजूरी मिलती है, तो यह राशि सीधे **पीएफ (Provident Fund)** खाते में या नकद रूप में दी जा सकती है।

Check DA Arrears Status Online

फिलहाल, एरियर को लेकर कोई आधिकारिक 'भुगतान आदेश' जारी नहीं हुआ है। कर्मचारियों को सलाह दी जाती है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे फर्जी मैसेज से बचें। सही जानकारी के लिए केवल वित्त मंत्रालय की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति या अपने विभाग के नोटिस बोर्ड पर भरोसा करें। जैसे ही कैबिनेट बैठक में इस पर मुहर लगेगी, नोटिफिकेशन जारी कर दिया जाएगा।

क्या आपको लगता है कि सरकार को 18 महीने का एरियर ब्याज सहित लौटाना चाहिए? अपनी राय कमेंट बॉक्स में लिखें।

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