शिक्षा मंत्रालय और केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) सहित कई राज्य बोर्डों ने 2026 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए मूल्यांकन प्रणाली में बड़े बदलाव किए हैं। नए नियमों के अनुसार, अब छात्रों को पास होने के लिए केवल रट्टा मारने की नहीं, बल्कि अवधारणाओं (Concepts) को समझने की जरूरत होगी। पासिंग मार्क्स के गणित और प्रश्न पत्र के पैटर्न में हुए बदलाव को जानना हर छात्र के लिए अनिवार्य है।
Board Exam 2026 Passing Marks Rule क्या है?
नए सत्र के लिए पासिंग क्राइटेरिया को लेकर छात्रों में काफी भ्रम है। बोर्ड के मानक नियमों के अनुसार, छात्रों को पास होने के लिए प्रत्येक विषय में कुल मिलाकर 33% अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। हालांकि, कक्षा 10वीं और 12वीं के लिए यह नियम थोड़ा अलग है:
- कक्षा 10वीं: थ्योरी और इंटरनल असेसमेंट (प्रैक्टिकल) दोनों को मिलाकर कुल 33% अंक होने चाहिए।
- कक्षा 12वीं: थ्योरी और प्रैक्टिकल दोनों में अलग-अलग 33% अंक लाना अनिवार्य है।
New Exam Pattern 2026 में क्या बड़े बदलाव हुए हैं?
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत, 2026 की परीक्षाओं में योग्यता आधारित प्रश्नों (Competency-Based Questions) की संख्या बढ़ा दी गई है। अब प्रश्न पत्र में लगभग 50% प्रश्न ऐसे होंगे जो रटने की क्षमता के बजाय तार्किक सोच और विश्लेषण पर आधारित होंगे। इनमें बहुविकल्पीय प्रश्न (MCQs), केस स्टडी और सोर्स-आधारित प्रश्न शामिल हैं। इसका सीधा अर्थ है कि लंबे उत्तर रटने वाले छात्रों को पास होने में कठिनाई हो सकती है।
Marks Distribution for Theory and Practical?
ज्यादातर विषयों में मूल्यांकन को दो भागों में बांटा गया है: 80 अंक की लिखित परीक्षा और 20 अंक का आंतरिक मूल्यांकन। विज्ञान और अन्य प्रैक्टिकल विषयों के लिए यह अनुपात 70:30 का हो सकता है।
- लिखित परीक्षा (Theory): 80 में से कम से कम 26 अंक लाना जरूरी (12वीं के लिए)।
- आंतरिक मूल्यांकन (Internal): 20 में से पास होने के लिए न्यूनतम अंक आवश्यक हैं।
- कुल योग: 100 में से 33 अंक।
Will there be Two Board Exams in 2026?
शिक्षा मंत्रालय ने घोषणा की है कि छात्रों के तनाव को कम करने के लिए साल में दो बार बोर्ड परीक्षाएं आयोजित करने का विकल्प दिया जाएगा। हालांकि, यह पूरी तरह से अनिवार्य नहीं होगा। छात्र अपनी इच्छा अनुसार एक बार परीक्षा दे सकते हैं और यदि वे अपने अंकों से संतुष्ट नहीं हैं, तो वे सुधार के लिए दूसरी बार परीक्षा में बैठ सकते हैं। दोनों परीक्षाओं में से जिस भी परीक्षा में 'बेस्ट स्कोर' होगा, उसे ही फाइनल रिजल्ट माना जाएगा।
Grace Marks Policy 2026 क्या है?
यदि कोई छात्र किसी एक या दो विषयों में बहुत कम अंतर (जैसे 2 से 5 नंबर) से फेल हो रहा है, तो बोर्ड उसे ग्रेस मार्क्स (Grace Marks) देकर पास कर सकता है। यह पूरी तरह से बोर्ड के विवेकाधिकार पर निर्भर करता है। लेकिन ध्यान रहे, ग्रेस मार्क्स केवल तभी मिलते हैं जब छात्र ने बाकी विषयों में अच्छा प्रदर्शन किया हो। यह नियम छात्रों का साल खराब होने से बचाने के लिए बनाया गया है।
How to Prepare for Competency Based Questions?
नए पैटर्न में अच्छे अंक लाने के लिए पढ़ने का तरीका बदलना होगा। छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे:
- NCERT पुस्तकें पढ़ें: हर लाइन और बॉक्स में दी गई जानकारी को समझें।
- सैंपल पेपर्स हल करें: बोर्ड द्वारा जारी लेटेस्ट सैंपल पेपर्स की प्रैक्टिस करें।
- कांसेप्ट समझें: 'क्या' और 'क्यों' पर ध्यान दें, केवल परिभाषाएं न रटें।
नए बोर्ड एग्जाम पैटर्न को लेकर आपकी क्या राय है? क्या योग्यता आधारित प्रश्न छात्रों के लिए फायदेमंद होंगे या मुश्किल? अपने विचार कमेंट बॉक्स में जरूर लिखें।




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