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किसानों के लिए बुरी खबर, ओलावृष्टि और तेज हवाओं से फसल बर्बाद, मौसम विभाग की चेतावनी – Weather Forecast India

देश के कई राज्यों में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण अचानक आए मौसम में बदलाव ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। फरवरी 2026 के पहले और दूसरे सप्ताह में हुई भारी ओलावृष्टि और 50 किमी/घंटा की रफ्तार से चली तेज हवाओं ने गेहूं, सरसों और आलू की तैयार फसलों को भारी नुकसान पहुँचाया है।

Weather Alert 2026: किन राज्यों में हुई ओलावृष्टि?

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और हरियाणा के कई जिलों में मध्यम से भारी ओलावृष्टि दर्ज की गई है। राजस्थान के जयपुर, अलवर और कोटा संभाग में ओलों की चादर बिछ गई, जिससे सरसों की फलियां टूटकर गिर गईं। वहीं, उत्तर प्रदेश के कानपुर और लखनऊ के आसपास के क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ गिरे ओलों ने रबी की फसलों को जमीन पर बिछा दिया है। मध्य प्रदेश के मंदसौर और उज्जैन में भी अफीम और गेहूं की खेती को व्यापक क्षति पहुँची है, जिससे किसान आर्थिक संकट में आ गए हैं।

Crop Damage Survey 2026: क्या मुआवजा मिलेगा?

फसलों के नुकसान को देखते हुए राज्य सरकारों ने संवेदनशीलता दिखाई है। मध्य प्रदेश और राजस्थान सरकार ने जिलाधिकारियों को तत्काल गिरदावरी (फसल सर्वे) के आदेश दिए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, राजस्व विभाग की टीमें खेतों में जाकर नुकसान का आकलन कर रही हैं। जिन किसानों की फसल 33% से अधिक खराब हुई है, उन्हें आपदा राहत कोष (SDRF) के नियमों के तहत उचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालयों द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सर्वे प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाए और किसी भी पात्र किसान को सहायता से वंचित न रखा जाए।

IMD Alert Next 48 Hours: मौसम विभाग की नई चेतावनी

मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए फिर से येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, एक नया पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्रों को प्रभावित कर रहा है, जिसके चलते मैदानों में फिर से गरज-चमक के साथ छींटे पड़ सकते हैं।

  • उत्तर प्रदेश: पूर्वी यूपी के जिलों में ओलावृष्टि की संभावना बरकरार है।
  • दिल्ली-एनसीआर: तेज सतही हवाएं और हल्की बूंदाबांदी का अनुमान।
  • पहाड़ी क्षेत्र: उत्तराखंड और हिमाचल में भारी बर्फबारी से मैदानी इलाकों में ठिठुरन बढ़ेगी।

How to Protect Crops from Hailstorm?

कृषि विशेषज्ञों ने इस विकट स्थिति में किसानों को अपनी बची हुई फसलों को बचाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं:

  • सिंचाई रोकें: तेज हवा और बारिश की संभावना को देखते हुए खेतों में अभी पानी न लगाएं, वरना फसलें गिर सकती हैं।
  • छिड़काव से बचें: ओलावृष्टि के दौरान किसी भी प्रकार के कीटनाशक का छिड़काव न करें, क्योंकि यह धुल जाएगा।
  • निकासी का प्रबंध: खेतों में जलभराव न होने दें, विशेषकर आलू और टमाटर की क्यारियों से पानी तुरंत निकालें।
  • एंटी-हेल नेट: बागवानी फसलों के लिए यदि संभव हो तो जालीदार कवर का उपयोग करें।

Pradhan Mantri Fasal Bima Yojana (PMFBY) क्लेम कैसे करें?

जिन किसानों ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत बीमा करवाया है, उन्हें नुकसान होने के 72 घंटों के भीतर सूचित करना अनिवार्य है। इसके लिए आप सीधे 'क्रॉप इंश्योरेंस ऐप' (Crop Insurance App) का उपयोग कर सकते हैं या अपनी बैंक शाखा/बीमा कंपनी के टोल-फ्री नंबर पर कॉल कर सकते हैं। आवेदन करते समय प्रभावित खेत की फोटो और स्थानीय पटवारी की रिपोर्ट साथ रखें। समय पर सूचना देने से क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया तेज हो जाती है और मुआवजा सीधा बैंक खाते में आता है।

Weather Forecast India: फरवरी के अंत तक कैसा रहेगा मौसम?

फरवरी के मध्य तक मौसम में इसी तरह के उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकते हैं। मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि 15 फरवरी के बाद तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी शुरू होगी, लेकिन तब तक रुक-रुक कर पश्चिमी विक्षोभ आते रहेंगे। किसानों को सलाह दी गई है कि वे 'मेघदूत' (Meghdoot) ऐप के माध्यम से अपने जिले के सटीक मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें। इस साल ठंड का स्पेल लंबा खिंचने के कारण रबी की फसलों के पकने की अवधि में भी थोड़ा बदलाव देखा जा सकता है।

क्या आपके क्षेत्र में भी ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान हुआ है? सरकार से मुआवजे की प्रक्रिया में आपको क्या समस्याएं आ रही हैं? अपने विचार कमेंट बॉक्स में साझा करें।

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